वोट डालते समय टूथपिक्स और दस्ताने का होगा इस्तेमाल, जानें कोरोना काल में कैसे बदल जाएगा बिहार चुनाव

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कोरोना वायरस के प्रसार के बीच चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव को कई सावधानियां बरतते हुए कराने का फैसला लिया है। आयोग ने निर्णय किया है कि बिहार चुनाव सोशल डिस्टेंसिंग, पीपीई किट्स, थर्मल स्कैनिंग, बूथों की संख्या आदि में बढ़ोतरी के साथ कराया जाएगा।

बिहार में चुनाव कराने के लिए पोलिंग बूथ की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। इस बार 34 हजार पोलिंग बूथ अतिरिक्त बनाए जाएंगे। इस तरह कुल संख्या 1,06,000 होगी। यह आमतौर चुनाव में बनाए जाने वाले पोलिंग बूथों के  मुकाबले 45 फीसदी अधिक है।

चुनाव आयोग ने अपने प्रस्तावित हां और न की सूची में मतदाताओं को बड़ी सभाओं में भाग लेने के दौरान फेस मास्क पहनने के लिए सुनिश्चित करने के लिए कहा है। प्रतिबंध बड़े सार्वजनिक समारोहों पर लगाए गए हैं जिनमें ‘पूजा स्थल’ भी शामिल है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल करते समय मतदाताओं द्वारा टूथपिक और दस्ताने का उपयोग किया जाएगा।

वहीं, चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय और राज्य के दलों से सार्वजनिक बैठकों व चुनाव प्रसार को लेकर सुझाव मांगे हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुझाव प्राप्त करने के बाद, ‘महामारी की अवधि के दौरान चुनाव के संचालन के लिए उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव अभियान के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों को फिर से तैयार किया जा सकता है।’ सुझाव साझा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। चुनाव आयोग ने पहले ही प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए निर्वाचकों की संख्या 1,000 तक सीमित कर दी है।

इससे पहले नौ विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें आभासी प्रचार के अलावा सामान्य अभियान चलाने की मांग की गई थी। इसके अलावा बिहार के 1 वाल्मीकि नगर पीसी के उपचुनाव सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो की मृत्यु के बाद से रिक्त हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 28 अगस्त है।

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