महागठबंधन में शामिल होंगे वाम दल, तेजस्वी के नेतृत्व को ले बन रहा माहौल

0
290

पटना, स्‍टेट ब्‍यूरो। Bihar Assembly Election: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के घटक दल बड़ी सावधानी से विवाद के मुद्दों को सुलझा रहे हैं। वाम दलों को जोड़कर विपक्ष के वोटों के बिखराव को रोकने का उपाय कर लिया गया है। राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और राष्‍ट्रीय लोक समता दल (RLSP) अपने हिस्से की सीटों में थोड़ी-थोड़ी कटौती कर वाम दलों (Left Parties) को देकर उन्हें साथ लाने पर राजी हो गए हैं। जहां तक महागठबंधन के नेतृत्‍व (Leadership) व मुख्‍यमंत्री चेहरे (CM Face) की बात है, भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (माले) ने कह दिया है कि विपक्ष के इस गठबंधन के नेतृत्व के लिए तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) स्वाभाविक दावेदार हैं। भारतीय कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (CPI) एवं मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (CPM) को पहले भी कभी लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) या तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर ऐतराज नहीं रहा है। जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) का छोड़ महागठबंधन के अन्‍य घटक दल पहले ही स्‍पष्‍ट कर चुके हैं कि उन्‍हें आरजेडी के नेतृत्‍व से इनकार नहीं है।

महागठबंधन में वाम दलाें को साथ लाने पर सहमति

बहरहाल, यह तय हो गया है कि महागठबंधन में वाम दलों को जीतने लायक सीटें देकर जोड़ लिया जाए। सीपीआइ नेतृत्व से दो दौर की बातचीत हो गई है। सीपीआइ एमएल (माले) के साथ आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद की बातचीत का एक दौर खत्म हो गया है। कोरोना संकट कम हो तो दूसरे दौर की बातचीत भी जल्द होगी। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल सीटों की संख्या तय नहीं हुई है, लेकिन एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है।

सीटों के बंटवारे को लेकर दो हिस्से में चल रहा काम

सीटों के बंटवारे के लिहाज से महागठबंधन दो हिस्से में काम कर रहा है। आरजेडी को जिम्मेवारी दी गई है कि सीपीआइ एमएल (माले) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के साथ बातचीत करे। उनकी जीतने लायक सीटों की पहचान करे। उसके बाद विधानसभा क्षेत्र के नाम सहित सीटों की संख्या तय कर दे। कांग्रेस को सीपीआइ, सीपीएम और आरएलएसपी से बातचीत का जिम्मा दिया गया है।

एनडीए के स्टैंड से मिल रही तेजस्‍वी को मदद

तेजस्वी पर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हमला जितना तेज हो रहा है, महागठबंधन के दलों के बीच नेता के तौर पर उनकी स्वीकार्यता बढ़ रही है। एनडीए के घटक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जपता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रायः सभी नेता विपक्ष के नाम पर तेजस्वी यादव पर ही हमला कर रहे हैं। 15 साल बनाम 15 साल का नारा जो आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के राजकाज को बताने के लिए गढ़ा गया है, वह अंततः तेजस्वी यादव पर ही केंद्रित है। एनडीए यही चाह रहा है कि आरजेडी के साथ उसकी सीधी लड़ाई हो। उसकी रणनीति लड़ाई को आमने-सामने रखने की है। ऐसे में महागठबंधन के घटक दलों में यह समझ विकसित हो रही है कि चुनाव मैदान में तीसरे कोण (Third Front) की गुंजाइश नहीं है। यह समझ उन्हें तेजस्वी के नेतृत्व में गोलबंद होने के लिए प्रेरित करता है।

LEAVE A REPLY