कोरोना ने डराया तो थम गईं सियासी गतिविधियां, बैठकें टालने लगीं पार्टियां

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कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों और कई बड़े नेताओं के संक्रमित हो जाने के बाद से बिहार में राजनीतिक गतिविधियों पर अचानक ब्रेक लग गया है। बड़े दलों के नेता सहम गए हैं। घरों से बेधड़क निकल जाने और बैठकें लेने का सिलसिला ठहर सा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) समेत तमाम दलों ने अपनी गतिविधियों को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है या रद कर दिया है। छोटे दलों के नेता भी दुबक गए हैं।

तेजस्‍वी यादव ने शुरू कर दिया था धुआंधार प्रचार

पिछले दिनों लॉकडाउन के दौरान 55 दिनों तक पटना से बाहर रहने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) जब 12 मई को लौटे तो आते ही धुआंधार दौरे शुरू कर दिए थे। तेजस्वी का चुनावी मूड पिछले हफ्ते तक बरकरार था। लॉकडाउन की बंदिशों के बावजूद वे पटना के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर एवं रोहतास जिलों के लगातार दौरे करते रहे। चीन की सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के दौरान अक्सर उन्हें भीड़-भाड़ से घिरा देखा गया। यहां तक कि मीडिया से बात करने के दौरान भी उन्हें कई बार भीड़ की परवाह नहीं करते देखा गया।

कोरोना के मामले बढ़े तो आरजेडी की बैठकें सथगित

आरजेडी कार्यालय में भी पार्टी के प्रकोष्ठों और जिला-प्रदेश के पदाधिकारियों की अलग-अलग कई बैठकें ली जा रही थीं। अधिसंख्य बैठकों में तेजस्वी खुद भी मौजूद रहते थे, किंतु जबसे कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा होने लगा है तभी पार्टी ने भी अपनी सारी बैठकों को स्थगित कर दिया है। प्रदेश कार्यालय में भी आने-जाने से परहेज करने की हिदायत दी गई है।

रुक-सा गया जेडीयू के कार्यक्रमों का भी सिलसिला

जेडीयू के कार्यक्रमों का भी सिलसिला रुक-सा गया है। करीब हफ्ते भर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने खुद भी किसी कार्यक्रम में शिरकत नहीं की है। यह संदेश नीचे के नेताओं तक जा रहा है और वर्चुअल बैठकों को भी जरूरी नहीं रहने पर टाल दिया जा रहा है।

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